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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)
एक नज़र इधर भी...
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स मस्त स्नेही मित्रों को सादर अभिवादन. कुछ समय से जिस अत्यधिक व्यस्तता के चलते आप सभी स्नेहीजनों से अवांछित दूरी बनी रही उसका पटाक्षेप मं...
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समस्त सम्माननीय मित्रों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाईयों सहित एक नज़्म सादर समर्पित.. . झुक नहीं सकता कभी भी मान यह अभिमान है। ...
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समस्त स्नेहीजनों, समादरनीय मित्रों को दीपोत्सव की सादर बधाइयां देते हुए, इस कामना के साथ कि, "माँ महालक्ष्मी सदैव अपने आशीष की वर्षा क...
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सभी सम्माननीय स्नेही स्वजनों को सादर नमन. आदरणीय मित्रों आप सब की सहृदय संवेदनाओं ने कठिन समय में बड़ा संबल प्रदान किया. आप सभी को मैं ह्रदय ...
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कुण्डलिया (१) काली रातों में खिले, दीपक बन के फूल उजियारे रत खोज में, अंधियारे का मूल अंधियारे का मूल, कहाँ स्थित जीवन में आओ हम तुम बैठ,...
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लहरों की मत रफ़्तार देख | अपने बाजू हर बार देख | थमने की बातें भी न सोच, ठहरा है कब संसार देख | रिश्तों में प्रीत रही न आज, चलता है सब...
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(१) सुबह सुबह कँवल की पांखुरी पर थिरकती... शबनम की वह बूँद कितनी खुश... कितनी प्यारी लग रही है.... उसे कहाँ पता है.. अभी कुछ ही देर में ...
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ख्वाब देखा जो पल में बिखर जाएगा। छोड़ कर अपना घर तू किधर जाएगा।1। बोल कर मीठी बोली बुला उसको तू, साया बन राहों में वो उतर जाएगा।2। इम्...
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आओ सब बच्चे हो जायें | मनभावन सच्चे हो जायें || बचपन में खुद ही चल दें या | बचपन को ही पास बुलायें || बचपन यानि... मस्ती, मौज, शरारत... बिं...
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सभी स्वजनों को "ईद मुबारक" , मित्रों, दुनिया में हर इंसान का सबसे बड़ा धर्म और कर्म अपने ज़मीर को, दिल को तथा अपनी रूह को पाक और ...

मंहगाई इन्हें भी खाय जात है .... बढ़िया कारटून
ReplyDeleteहा हा हा
ReplyDeleteअभी भी ये नंगे ही घुम रहे हैं
कितनी हवस बढ गयी है,इससे जाहिर होता है।
अच्छी चुटकी
आभार
शुभ प्रभात तो इन्हीं का है भाई :- "क्रिकेट, नेता, एक्टर - हर महफिल की शान, दाढ़ी, टोपी बन गया गालिब का दीवान"
ReplyDeleteनेता और आदमी में क्या अंतर है ??
ReplyDeleteआदमी तो नेता हो सकता है पर नेता आदमी नहीं
हर हर महादेव
जय हिंद