Wednesday, August 24, 2011

आ जाओ कन्हैया...

समस्त सम्माननीय मित्रों को सादर नमस्कार... तनिक विलम्ब के साथ सभी स्नेहीजनों को भगवान् श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई देते हुए यह गीत प्रस्तुत है...


आ भी जाओ कन्हैया यहाँ...
सारा गोकुल तुझे ही पुकारे...


धेनु तेरी यहाँ पर सुरक्षित नहीं,
राधा अब भी खडी प्रतीक्षित वहीं,
छोड़ कर तू गया था जहां...
आज अपना वचन तू निभा रे....


देख मथुरा की गलियाँ कलंकित हुईं,
सच्चाई यहाँ पर प्रतिबंधित हुईं,
कंस का अत्याचार बढ़ा...
आके फिर से तू इसको मिटा रे...


जन गण हैं दमित और प्रताड़ित यहाँ,
मुट्ठी भर अत्याचारी हैं फलित यहाँ,
गोप गोपी का तू आसरा...
अपनी लीला तू फिर से दिखा रे...


आ भी जाओ कन्हैया यहाँ,
सारा गोकुल तुझे ही पुकारे....


********श्री कृष्ण जन्माष्टमी की सादर बधाईयाँ************

इस गीत को सुनें मेरी आवाज में...

19 comments:

  1. आप तो बहुत सुन्दर गाते हैं ....विषय प्रासंगिक था ,पढ़ना और सुनना दोनों ही सार्थक लग रहा था ....जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ

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  2. सुप्रिय बंधुवर संजय मिश्र 'हबीब' जी
    जय श्रीकृष्ण !
    सस्नेहाभिवादन !

    आधुनिक संदर्भों को लेते हुए कन्हैया को बहुत प्यारे अंदाज़ में याद किया है … क्य बात है !
    जन गण हैं दमित और प्रताड़ित यहाँ,
    मुट्ठी भर अत्याचारी हैं फलित यहाँ,


    … और सोने पर सुहागा आपने अपने स्वर में स्वरबद्ध करके गा'कर भी लगाया है
    … … … मगन हो'कर सुना … ऽऽऽ… … … आनन्द आ गया

    आज तो दोहरी तारीफ़ के हक़दार हैं आप !!
    आगे भी यह सिलसिला बना रहे …

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई-शुभकामनाएं!
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  3. कृष्ण आज के समय में भी प्रासंगिक हैं...अब तो भ्रष्टाचार के कंस का वध करने के लिए उनको आनअ ही होगा...बहुत सुन्दर और प्रभावी अभिव्यक्ति..

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  4. आपकी लयबद्ध रचना ने गुनगुनाने को बाध्य कर दिया.सामयिक विसंगतियों को दूर करने के लिये कन्हैया एक ना एक दिन जरूर आयेंगे.

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  5. आठें कन्हैया के गाड़ा गाड़ा बधाई, सुन्दर गाये हस, मजा आगे.

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  6. बधाइयाँ ..सुन्दर गीत पढवाने और सुनाने के लिए.

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  7. koi itne bhaav se bulae to kanhaiya ko bhi aana hi padega.bahut hi sundar rachna

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  8. बधाई ... इस सुन्दर गीत के लिए .. आपको भी कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई ...

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  9. kitni prasangic prastuti hai ye apki... krishna or bhrashtachaar,,, haan aj hame krishn ki hi zaroorat hai..... is sunder geet ke liye badhai,..

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  10. आधुनिक संदर्भों को लेते हुए कन्हैया को बहुत प्यारे अंदाज़ में याद किया है .. सुन्दर गीत के लिए भी बहुत-बहुत बधाई ...

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  11. बहुत सुन्दर गीत। आपकी आवाज़ में और भी अच्छा लगा।

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  12. भक्ति भाव का अहसास कराती खूबसूरत रचना .गीत नहीं सुन पाया अफ़सोस .

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  13. इस ओजपूर्ण प्रस्‍तुति के लिये ... बहुत-बहुत बधाई ।

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  14. बढिया कविता- जन्माष्टमी की बधाई॥

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  15. प्रार्थना को सामायिक रूप दिया है. क्या बात है.
    यदि मीडिया और ब्लॉग जगत में अन्ना हजारे के समाचारों की एकरसता से ऊब गए हों तो कृपया मन को झकझोरने वाले मौलिक, विचारोत्तेजक आलेख हेतु पढ़ें
    अन्ना हजारे के बहाने ...... आत्म मंथन http://sachin-why-bharat-ratna.blogspot.com/2011/08/blog-post_24.html

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  16. आ भी जाओ कन्हैया यहाँ
    सारा गोकुल तुझे ही पुकारे

    केवल गोकुल नहीं, सारा देश कान्हा को पुकार रहा है।
    बहुत सुंदर आह्वान।

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  17. बेहद सुन्दर प्रस्तुति!

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मेरी हौसला-अफजाई करने का बहुत शुक्रिया.... आपकी बेशकीमती रायें मुझे मेरी कमजोरियों से वाकिफ करा, मुझे उनसे दूर ले जाने का जरिया बने, इन्हीं तमन्नाओं के साथ..... आपका हबीब.

"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

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