Saturday, August 14, 2010

"कुछ बीज आशाओं के बो लें"

सुधि मित्रों नमस्कार और आप सभी को यौमे आजादी की ६३ वीं वर्षगांठ मुबारक हो। मित्रों, वर्तमान की यह जिम्मेदारी होती है कि वह, इतिहास हो जाने से पूर्व सुनहरे भविष्य का बीजारोपण करे... उसे अपने स्वेद से और ज़रूरत हो तो अपने लहू से भी, सींचे ताकि भविष्य जब अपने इतिहास की बात कहे तो सीना चौड़ा कर के कहे, फख्र महसूस करे.... जैसा आज हम अपने इतिहास कि बात पर महसूस करते हैं आज स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला में अपने गौरवशाली इतिहास की रोशनी 'भविष्य के इतिहास' पर... यानि अपने वर्तमान पर डालते हुए, उसे परखने का प्रयास करते हुए, यह गीत पोस्ट कर रहा हूँ....
"कुछ बीज आशाओं के बो लें"
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आजादी के दीवानों की, अमर कथा हम क्या बोलें।
बस हम बन कर परवाने, उनकी सीखों पर नित डोलें।
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वो जिए हमारी ही खातिर,
हमको अपना सर्वस्व दिया;
दे हमें स्वतंत्रता का अमृत
पीड़ा का गरल स्वकंठ लिया,
जब याद उन्हें करने बैठे , अंतर में इतना और करें,
अपने कर्मों को रख पलड़े पर कोशिश करे उन्हें तोलें।
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आजादी की राहों में
जाने कितने पर्वत काटे
आँखों में नींद रहे कैसे
रातें हर ले रवट काटे,
माँ का बंधन कांटे कैसे, जीवन का एक ही लक्ष्य रहा,
उनके सपनों को आज बचाने, उन सपनों के संग हो लें।
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माओं ने अपने लालों की
हंस कर कुर्बानी दे डाली,
बहनों ने राखी चढ़ा दिए
सौभाग्य निशानी दे डाली,
साँसों में वन्दे मातरम् औ' जय हिंद रगों में बहता था,
उस ज़ज्बे को जीवंत करें, जय हिंद कहें, जय माँ बोलें।
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शहीद चिता की लपटों से
ज़ंजीर दासता की पिघली,
ज़ुल्मों के सागर मंथन से
देवी आज़ादी की निकली,
अब उसे छोड़ हम पूज रहे हैं, सिक्कों की खानकारों को,
ज़ेहन की बेडी को आओ हम आज सभी मिलकर खोलें।
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आज के दिन वह क्षण आया
जब पंछी मुक्त हो चहके थे,
नव-आशाओं के नव-पल्लव
नव-पुष्प खिले थे, महके थे,
जाने फिर कौन सी राह चले, ''पतझड़ के सावन'' में पहुंचे,
फिर से 'एका' का पाठ पढ़ें, कुछ बीज आशाओं के बो लें।
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11 comments:

  1. सांस का हर सुमन है वतन के लिए
    जिन्दगी एक हवन है वतन के लिए
    कह गई फ़ांसियों में फ़ंसी गरदने
    ये हमारा नमन है वतन के लिए

    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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  2. ... भावपूर्ण गीत !!!
    ... स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं !!!

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  3. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये,...

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  4. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये

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  5. Sarahniy prayas hai bandhu!
    Afsos ki aaj swatantrata divas manane ki mahaz ek aupcharikta nibhayi jati hai! Har taraf beimaani, makkari, bhrashtachar---------Garib ke hisse me tab bhi aansu the aaj bhi aansu hi hain, amir tab bhi 'ras-malai' khate the, aaj bhi!

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  6. ................
    वाह भाई साहिब वाह!!!! क्या बात है ....... अभिनन्दन करता हूँ भाई साहिब आपका .....और प्रणाम करता हूँ आप की लेखनी को ..आप की इस काव्य निर्झरी में हम नहा कर धन्य हुवे शुभकामनाओं के साथ....
    हर हर महादेव

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  7. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल आज 04 -12 - 2011 को यहाँ भी है

    ...नयी पुरानी हलचल में आज .जोर का झटका धीरे से लगा

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  8. बहुत सुंदर देशभक्तिपूर्ण गीत...

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  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.
    संगीता जी की हलचल का अनमोल हीरा.
    प्रस्तुति के लिए आभार.

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मेरी हौसला-अफजाई करने का बहुत शुक्रिया.... आपकी बेशकीमती रायें मुझे मेरी कमजोरियों से वाकिफ करा, मुझे उनसे दूर ले जाने का जरिया बने, इन्हीं तमन्नाओं के साथ..... आपका हबीब.

"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

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