Saturday, December 24, 2011

मेरी क्रिसमस (कुण्डलिया)

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उजियारा पावन कहें, या कह दें सब ईश
क्रास ह्रदय में हो बना, या श्रद्धानत शीश
या श्रद्धानत शीश, राह सच की बतलाये
जीवन दे महकाय, सहज सद्प्रेम सिखाये
इश्वर का अवतार, जगत को दिये सहारा
सदा सदा उपलब्ध, बहे पावन उजियारा
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सभी सम्माननीय मित्रों को "बड़े दिन" की सादर शुभकामनाएं.
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Sunday, December 18, 2011

आह!

तेरी सूखी यादों के
photo taken with thanks from google & edited
तिनके चुन चुन कर
बनाया एक घर
बैठकर उसके भीतर
गाने लगा नज़्म मुहब्बत की
कि उट्ठेन्गी लपटें...
मुझे भी कर देंगी भस्म
साथ साथ घर के....

लेकिन मेरी आवाज में
कुकनुस* वाली बात कहाँ?
कि जल उट्ठे आग...

मुझे तो जीना होगा
उस चकोर की तरह
जो ठंडी चांदनी में
जलता तो उम्र भर
भस्म नहीं होता जल कर....!!!
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कुकनुस = (काल्पनिक यूनानी पक्षी) जिसके बारे में कहा जाता है कि वह बहुत मधुर स्वर में गाता है, और उसके गाने से घोंसले में आग लग जाती है... वह जल कर भस्म हो जाता है.
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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

एक नज़र इधर भी...