लहरों की मत रफ़्तार देख |
अपने बाजू हर बार देख |
थमने की बातें भी न सोच,
ठहरा है कब संसार देख |
रिश्तों में प्रीत रही न आज,
चलता है सब व्यापार देख |
करता है ऐश लूट कर मुल्क,
तिहाड़ में खुश गद्दार देख |
हत्यारे यां रहें बा चैन,
लीला यह अपरम्पार देख |
भूखे मेहनतकश ! धिक्कार!
मौज में सब गुनहगार देख |
चुभते से प्रश्न कभी न पूछ,
हबीब है कब अधिकार देख |
अपने बाजू हर बार देख |
थमने की बातें भी न सोच,
ठहरा है कब संसार देख |
रिश्तों में प्रीत रही न आज,
चलता है सब व्यापार देख |
करता है ऐश लूट कर मुल्क,
तिहाड़ में खुश गद्दार देख |
हत्यारे यां रहें बा चैन,
लीला यह अपरम्पार देख |
भूखे मेहनतकश ! धिक्कार!
मौज में सब गुनहगार देख |
चुभते से प्रश्न कभी न पूछ,
हबीब है कब अधिकार देख |
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