Wednesday, August 24, 2011

आ जाओ कन्हैया...

समस्त सम्माननीय मित्रों को सादर नमस्कार... तनिक विलम्ब के साथ सभी स्नेहीजनों को भगवान् श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई देते हुए यह गीत प्रस्तुत है...


आ भी जाओ कन्हैया यहाँ...
सारा गोकुल तुझे ही पुकारे...


धेनु तेरी यहाँ पर सुरक्षित नहीं,
राधा अब भी खडी प्रतीक्षित वहीं,
छोड़ कर तू गया था जहां...
आज अपना वचन तू निभा रे....


देख मथुरा की गलियाँ कलंकित हुईं,
सच्चाई यहाँ पर प्रतिबंधित हुईं,
कंस का अत्याचार बढ़ा...
आके फिर से तू इसको मिटा रे...


जन गण हैं दमित और प्रताड़ित यहाँ,
मुट्ठी भर अत्याचारी हैं फलित यहाँ,
गोप गोपी का तू आसरा...
अपनी लीला तू फिर से दिखा रे...


आ भी जाओ कन्हैया यहाँ,
सारा गोकुल तुझे ही पुकारे....


********श्री कृष्ण जन्माष्टमी की सादर बधाईयाँ************

इस गीत को सुनें मेरी आवाज में...

Saturday, August 20, 2011

"शाम ना होने देना साथी"

जागा है हिन्दुसतान, ना सोने देना साथी...
आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी...


बहुत किये समझौते हमने,
आशाओं को सूली दी..
कदम कदम पर सपने मारे,
अपने, उन्हें वसूली दी..
आज उठाया है सर अपना,
स्वाभिमान फिर पाने को..
कदम रुके मत, साहस ना खोने देना साथी....
आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी...


स्वतन्त्रता की खातिर था,
लगा शहीदों का मेला..
भारत पर कुर्बान हुआ जो,
हर बेटा था अलबेला..
उनकी यादें मिटा रहे वो,
भ्रष्टाचार निभाने को..
उन शहीदों को गुमनाम ना होने देना साथी...
आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी...


वो कहते अधिकार नहीं है,
अपनी बात सुनाने की..
उनको कहाँ मिली इजाजत,
देश बेच कर खाने की..
अब ना खाने देंगे आओ,
अपना मुल्क बचाने को..
अब अपनी आँखों को, फिर ना रोने देना साथी...
आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी...



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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

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