तदबीरों पर दाँव लगा.
अपनी किस्मत आप जगा.
लकीरों पर विश्वास न कर,
अक्सर ये दे जायें दगा.
भला, कौन इस दुनिया में,
वक़्त ने जिसको नहीं ठगा.
शाम ज़रा हो ले फिर देख.
साया भी संग छोड़ भगा.
हौसले का साथ न छोड़,
गैरों में बस यही सगा.
हबीब गगन यह तेरा है,
उड़ सपनों के पंख लगा.
*****************************