Saturday, November 5, 2011

ग़ज़ल

दिल तोड़ चले जाने वाले, दिल सूना सा है बिन तेरे. 
दिल में बसते हो तुम ही तुम, दिल में क्यूँ फिर गम के डेरे. 

दिल याद करे फ़रियाद करे, दिल भूल नहीं सकता यारां,
दिल देख पुकार रहा तुझको, दिल ले स्मृतियों के फेरे.

दिल है वैसा, दिल जैसा हो, दिल आसमान का इन्द्रधनुष,
दिल नीर भरी बदली बहुधा, दिल अंगारे भी बहुतेरे. 

दिल गा खुद को बहलाता है, दिल रो कर थक सो जाता है,
दिल भोर कभी उजला सा है, दिल रातों के भी अँधेरे. 

दिल रोगी है, दिल योगी भी, दिल तेरे बिन हठयोगी भी,
दिल चाहे बस 'हबीब' का ये, दिल साथ रहें तेरे मेरे. 

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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

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