Saturday, September 3, 2011

गुरु वंदना

समस्त सम्माननीय मित्रों का सादर अभिनन्दन करते हुए  ५ सितम्बर "शिक्षक दिवस" के अवसर पर राष्ट्र निर्माताओं/गुरुजनों को  सादर समर्पित  "भाव सुमन" .
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आज तिमिरों में निःशंक हो 
अपने  कदम बढाऊँ मैं.
अति असीम गुरु की अनुकम्पा 
सादर शीश नवाऊँ मैं. 

राह-कुराह और सत्यासत्य का,
भेद बतलाया किये;
नीतानीति संग हानि-लाभ का,
मर्म सिखलाया किये;
अब हो  ऋणी आजन्म जग में,
उनके ही पद गाऊँ मैं...
अति असीम गुरु की अनुकम्पा 
सादर शीश नवाऊँ मैं.

शीश में शुभ - आशीष  उनका,
साथ शक्ति है मेरी;
सदशिक्षाएं  करती उनकी,
निष्कंटक राहें मेरी;
एक कामना है ह्रदय में
सच्चा शिष्य कहाऊँ मैं...
अति असीम गुरु की अनुकम्पा 
सादर शीश नवाऊँ मैं. 

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शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

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