समस्त सम्माननीय मित्रों का सादर अभिनन्दन करते हुए ५ सितम्बर "शिक्षक दिवस" के अवसर पर राष्ट्र निर्माताओं/गुरुजनों को सादर समर्पित "भाव सुमन" .
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अपने कदम बढाऊँ मैं.
अति असीम गुरु की अनुकम्पा
सादर शीश नवाऊँ मैं.
राह-कुराह और सत्यासत्य का,
भेद बतलाया किये;
नीतानीति संग हानि-लाभ का,
मर्म सिखलाया किये;
अब हो ऋणी आजन्म जग में,
उनके ही पद गाऊँ मैं...
अति असीम गुरु की अनुकम्पा
सादर शीश नवाऊँ मैं.
शीश में शुभ - आशीष उनका,
साथ शक्ति है मेरी;
सदशिक्षाएं करती उनकी,
निष्कंटक राहें मेरी;
एक कामना है ह्रदय में
सच्चा शिष्य कहाऊँ मैं...
अति असीम गुरु की अनुकम्पा
सादर शीश नवाऊँ मैं.
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शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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