पंचम सुर में जम के गा लो.
आंसू पी लो गम को खा लो.
चूभ गए न टूट आँखों में,
किसने कहा कि सपने पालो.
तुम तो भूखे प्यासे तड़पो!
उनकी सेहत भालो - भालो?
जिनकी नियत ही खोटी है,
उनसे कहो कि आप विदा लो.
आज पहाड़ों से टकराओ,
जीतो अपनी राह सजा लो.
दर्द बसे हैं जो सीनों में,
उन्हें मशाले मिस्र बना लो.
बहुत हुआ हबीब अब चीखो,
चीखो सर पे गगन उठा लो.
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