वक्त की पनाहों में, खुशियों की बाहों में
आँधियों के पहरे हैं, जिंदगी की राहों में
कश्ती को तूफां में, चलने-मचलने दो
शक्ति अक्षुण्य लिए, अपनी निगाहों में.
जीवन इक आशा है, चलना परिभाषा है
बाधाएं हर क़दम, बन खड़ी निराशा है
जीने की चाव लिए, बढ़ने की ताव लिए,
तेरा संकल्प ही, कठिनाई में, दिलासा है
दहका ले ज्वाला इक, ह्रदय की उछाहों में…
कश्ती को तूफां में, चलने-मचलने दो
शक्ति अक्षुण्य लिए, अपनी निगाहों में....
लहरों का जोश लिए, सागर सा होश लिए
उठा कदम कराल तू, अम्बर आगोश लिए
पर्वत की छाती पर, छाप छोड़ पावों के
धरती पर गाथा गढ़, उत्कट उदघोष लिए
तेज देख देख तेरा, सूर्य छुपे छाहों में...
कश्ती को तूफां में, चलने-मचलने दो
शक्ति अक्षुण्य लिए, अपनी निगाहों मे....

