सभी सम्माननीय सुधि मित्रों को सादर नमस्कार तथा चैत्र नवरात्री की पावन बधाईयों संग मातारानी को समर्पित एक भक्ति गीत - "मातुपासना के नव तिथियाँ" *
नवराते की पावन घड़ियाँ,
जीवन में बरसाए खुशियाँ।
तन-मन निश्छल-निर्मल कर दे,
मातुपासना की नव तिथियाँ॥
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मन में भक्ति राग हमारे,
धन्य हुए हैं भाग हमारे,
भासित अंतर के सारे तम,
ह्रदय हुए हैं प्रयाग हमारे।
दर्शन को तेरे व्याकुल हैं,
मात हमारी भीगी अँखियाँ॥
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तेरी राहों में जब चलते,
पांवों के छाले आप ही भरते,
चौखट तक तेरी आ पहुंचे,
जय माता दी कहते कहते।
तेरी ही हम संताने सब,
क्षमा करो माँ जो हो कमियाँ॥
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नवराते की पावन घड़ियाँ,
जीवन में बरसाए खुशियाँ।
तन-मन निश्छल-निर्मल कर दे
मातुपासना की नव तिथियाँ॥
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************** चैत्र नवरात्र की पावन बधाईयाँ ****************
