बिखर जायेंगे,
मां तुझसे दूर
हम अगर जायेंगे...
तेरे ही कदमों में
ज़न्नत है मां
ज़न्नत को छोड़ भला,
हम किधर जायेंगे....
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जो करें, जिधर चलें,
तेरी ही दुआ तले,
पथरीली राहों में
फूल ही बिछे मिलें,
हर कठिन घड़ी में
तू ही शक्ति है मां,
कठिनतम राहों से भी
हंस के गुजर जायेंगे...
ज़न्नत को छोड़ भला
हम किधर जायेंगे....
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सुलगती सी माया में
तेरी ममता ही साया है,
मरुभूमी को इसने,
गुलशन बनाया है,
तेरी ही खुशबू है
भू से अम्बर तक मां,
भू से अम्बर तक हम
तेरे ही गुण गायेंगे...
ज़न्नत को छोड़ भला
हम किधर जायेंगे...
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********* मदर्स दे पर मातृशक्ति को सादर वंदन **********
