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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)
एक नज़र इधर भी...
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जंगल जंगल वेदना, मनुज वेदना शुन्य| भटके भूले राह सब, कहाँ पाप कंह पुण्य|| नादानी है छीनना, हरियाली के प्राण| वरदाता सब पेड अब, मांगें जीवनद...
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सभी सम्माननीय सुधि मित्रों को सादर नमस्कार कर एक ग़ज़ल महफिले दानां में पेशे खिदमत है... *************************************** बहर :- बहर...
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सादगी से जहाँ में निभाये चलो। आन भी हौसला भी बचाये चलो। इंदिया जिन्दगी का यही एक है , इश्क की पाक लौ को जलाये चलो। आलमे आरिजी क्या गमो...
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समस्त सम्माननीय मित्रों को सादर नमन सहित आज प्रस्तुत है ओपन बुक्स आनलाईन महा उत्सव अंक १५ के लिए तलाश विषय रचित दोहे.... आँखें अपनी...
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चाँद शरमाता हुआ सा छुप गया | ले गया दिल और जां ले, उफ़! गया || धडकनों में गीत मीठे बज उठे, बांसुरी ले आसमां ही झुक गया || वो घटाएं, वो सम...
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स मस्त सम्माननीय सुधि मित्रों को सादर नमस्कार... पिछले पंद्रह दिनों से अत्यधिक व्यस्तता ने ब्लॉग पठन - पाठन से दूर कर रखा था. अब जल्द ही नि...
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कै से कैसे दुष्कृत्य कर जाते हैं हम.... सुबहा होने लगता है कि हम इंसान हैं.... आफरीन को जानकार कुछ दिन पूर्व मेरी पोस्ट बेटियाँ की क्षणिका...
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दिल तोड़ चले जाने वाले, दिल सूना सा है बिन तेरे. दिल में बसते हो तुम ही तुम, दिल में क्यूँ फिर गम के डेरे. दिल याद करे फ़रियाद करे, दिल भूल...
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मैं सहर की शाम की हर पीर लिखता हूँ जिंदगी में हर कदम तज्वीर लिखता हूँ |१| काट कर जड़ जंगलों की बादलों की मैं , इस धरा की सूखती तकदीर लिख...
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जाने क्या था उन उंगलियों की हरकत में... कि जमीन का सीना फाड़कर सैकड़ों बिजलियाँ मानों एक साथ आसमान की ओर लपकीं... सिमटते धूप क...

नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि
ReplyDeleteहमारा भी बापू जी को शत शत नमन।
ReplyDeletesahaj va adutiy
ReplyDelete... behatreen post !!!
ReplyDeleteबापू और शास्त्री जी को नमन
ReplyDeleteभैया सदर प्रणाम, आपको भी गाँधी एवं शाश्त्री जयंती की बधाई एवं महापुरुषों को शत शत नमन
ReplyDeleteवाह .. बहुत बढिया !!
ReplyDeletebhaiiya ji...
ReplyDeletebaot he sundar ......!!!!