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"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)
एक नज़र इधर भी...
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सादगी से जहाँ में निभाये चलो। आन भी हौसला भी बचाये चलो। इंदिया जिन्दगी का यही एक है , इश्क की पाक लौ को जलाये चलो। आलमे आरिजी क्या गमो...
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दिल तोड़ चले जाने वाले, दिल सूना सा है बिन तेरे. दिल में बसते हो तुम ही तुम, दिल में क्यूँ फिर गम के डेरे. दिल याद करे फ़रियाद करे, दिल भूल...
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चाँद शरमाता हुआ सा छुप गया | ले गया दिल और जां ले, उफ़! गया || धडकनों में गीत मीठे बज उठे, बांसुरी ले आसमां ही झुक गया || वो घटाएं, वो सम...
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खुशी गु लाब की पांखुरी को छूते ही खामोशी से उतर आई मेरी तर्जनी की नाख़ून पर मुस्कुराती हुई ओस की एक बूँद..... अभी, मेरी नाडियों का स्पंदन म...
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समस्त सम्माननीय मित्रों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाईयों सहित एक नज़्म सादर समर्पित.. . झुक नहीं सकता कभी भी मान यह अभिमान है। ...
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मैं सहर की शाम की हर पीर लिखता हूँ जिंदगी में हर कदम तज्वीर लिखता हूँ |१| काट कर जड़ जंगलों की बादलों की मैं , इस धरा की सूखती तकदीर लिख...
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प्यारी बहना रूठती, भाइ करत मनुहार. भाइ भगिन का प्यार है, भगवत का उपहार. स मस्त सम्मानीय स्नेही मित्रों को भाई बहिन के पवित्र प्यार से सराब...
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समस्त सम्माननीय मित्रों को सादर नमन सहित आज प्रस्तुत है ओपन बुक्स आनलाईन महा उत्सव अंक १५ के लिए तलाश विषय रचित दोहे.... आँखें अपनी...
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जाने क्या था उन उंगलियों की हरकत में... कि जमीन का सीना फाड़कर सैकड़ों बिजलियाँ मानों एक साथ आसमान की ओर लपकीं... सिमटते धूप क...
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(१) सुबह सुबह कँवल की पांखुरी पर थिरकती... शबनम की वह बूँद कितनी खुश... कितनी प्यारी लग रही है.... उसे कहाँ पता है.. अभी कुछ ही देर में ...

नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि
ReplyDeleteहमारा भी बापू जी को शत शत नमन।
ReplyDeletesahaj va adutiy
ReplyDelete... behatreen post !!!
ReplyDeleteबापू और शास्त्री जी को नमन
ReplyDeleteभैया सदर प्रणाम, आपको भी गाँधी एवं शाश्त्री जयंती की बधाई एवं महापुरुषों को शत शत नमन
ReplyDeleteवाह .. बहुत बढिया !!
ReplyDeletebhaiiya ji...
ReplyDeletebaot he sundar ......!!!!