Thursday, August 2, 2012

भगवत का उपहार

प्यारी बहना रूठती, भाइ करत मनुहार.
भाइ भगिन का प्यार है, भगवत का उपहार. 
मस्त सम्मानीय स्नेही मित्रों को भाई बहिन के पवित्र प्यार से सराबोर अनूठे "पर्व श्रावणी" की सादर शुभकामनाओं सहित एक नटखट और प्यारा सा गीत.... 

कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।
हमेशा से अनोखा ढंग दीदी की मुहब्बत का।

कहीं भैया न बाजी मार ले आगे चला जाये,
कहीं मुझसे भी आगे वो पहुँच राखी बंधवाये  
बड़ी जल्दी में छोटा है लिए इक हार सुंदर सा,
कि दीदी को दिखाऊँ हार हौले से वो मुसकाये,
मिले पहले मुझे ही संग दीदी की मुहब्बत का।  
कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।

बड़ा भी सोचता है तोड़ छोटे को छकाने की,
हमेशा जीत जाता दुष्ट जो उसको हराने की
चलूँ कुछ तोहफा बाजार से प्यारा उठा लाऊं,
लिया क्या है जरूरत ही न छोटू को बताने की,
कहीं ना रंग कर दे भंग दीदी की मुहब्बत का।
कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।

बहन ये जानती है साथ दोनों एक पहुचेंगे,
बंधाने हाथ में पहले वो राखी खूब झगड़ेंगे
बड़े को हारना होगा ये छोटा तो रहा छोटा,    
नहीं तो आँख में मोती के टुकड़े खूब चमकेंगे,
बड़ी मोहक छिड़ेगी जंग दीदी की मुहब्बत का।
कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।

----------------रक्षा बंधन की सादर बधाईयाँ-----------------

39 comments:

  1. बड़ी मोहक छिड़ेगी जंग दीदी की मुहब्बत का।
    कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का,,,,,

    राखी में भाई बहन की मुहब्बत की मनमोहक जंग,,,,,
    रक्षाबँधन की हार्दिक शुभकामनाए,,,
    RECENT POST ...: रक्षा का बंधन,,,,

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  2. बहन ये जानती है साथ दोनों एक पहुचेंगे,
    बंधाने हाथ में पहले वो राखी खूब झगड़ेंगे।
    बड़े को हारना होगा ये छोटा तो रहा छोटा,
    नहीं तो आँख में मोती के टुकड़े खूब चमकेंगे,
    बड़ी मोहक छिड़ेगी जंग दीदी की मुहब्बत का।
    कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।

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  3. बहुत सुन्दर काव्यमय प्रस्तुति भाई बहन के अमित प्यार कीबहन ये जानती है साथ दोनों एक पहुचेंगे,
    बंधाने हाथ में पहले वो राखी खूब झगड़ेंगे।
    बड़े को हारना होगा ये छोटा तो रहा छोटा,
    नहीं तो आँख में मोती के टुकड़े खूब चमकेंगे,
    बड़ी मोहक छिड़ेगी जंग दीदी की मुहब्बत का।
    कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।मेरी फिक्र जो करता है वो..
    कच्ची डोर का पक्का रिश्ता
    है भाई - बहन का रिश्ता स्‍नेह का तिलक लगाकर
    दुआओं के अक्षत डाल
    बहना ने कच्‍चे धागे से बांधा
    रिश्‍तों के इस मजबूत बंधन को
    वीर की कलाई पर , मेरी राखी का मतलब है प्यार भईया, .सखी सहेली सब जुड़ आईं
    हिल मिल खूब मल्हारें "गाईं". .इस पर्व पर बहिन, भाई के अन्दर पिता का निस्स्वार्थ छाता, और भैया, माँ को ढूंढता है कहतें हैं जो भाई अपनी बहन से बहुत रागात्मक सम्बन्ध बनाए रहतें हैं उनके साथ स्नेहिल बने रहतें हैं उन्हें हार्ट अटेक नहीं पड़ता ,दिल की बीमारियों से बचाता है माँ के जाने के बाद बहन का प्यार .रक्षा बंधन मुबारक -झूमें ये सावन सुहाना ,भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना ,शायद वो सावन भी आये ,जो पहले सा रंग न लाये, बहन पराये देश बसी हो ,अगर वो तुम तक पहुँच न पाए ,झूमें ये सावन सुहाना ...इस गीत की मिसरी बचपन में ले जाती है .छोटी बहन का यह गीत आज भी उतना ही मीठा लगता है जितना "चंदा मामा दूर के ,पुए पकाए बूर के ,आप खाएं प्याली में ,मुन्ने को दें ,प्याली में ..

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  4. .

    कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का…

    अति सुंदर !
    मोहक भावों को बहुत सुंदर अभिव्यक्ति दी आपने


    रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!

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  5. बहुत सुन्दर...
    प्यारी रचना...
    इस पावन पर्व की आपको भी अनंत शुभकामनाएं.
    सादर
    अनु

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  6. इस पावन पर्व में सबको बधाईयाँ।

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  7. राखी का मासूम बंधन और छलकता प्यार

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  8. बहुत सुन्दर...
    प्यारी सी नटखट सी रचना... रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!

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  9. sundar pyari si rachna .....shubhkamanye is parv ki

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  10. बढ़िया रचना |
    आभार ||

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  11. भावमय करती प्रस्‍तुति ...
    इस स्‍नेहिल पर्व की आपको अनंत शुभकामनाएं

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  12. मोहक रचना.. शुभकामनाएं..

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  13. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (04-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  14. बड़ सुग्घर रचना हे

    हर बछर आवै सुग्घर राखी के तिहार
    बने रहे जम्मो भाई बहिनी के प्यार

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  15. बड़ा प्यारा गीत है। लगता है घर-दुआर-आंगन में चहल-पहल है और दीदी से राखी बंधवाने की होड़ लगी है।

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  16. बहुत-बहुत सुन्दर ,प्यारी और भावमयी रचना..
    शुभकामनाये:-)

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  17. बहुत भावपूर्ण रचना...
    स्नेहिल भाव से परिपूर्ण .... बधाई संजय जी...

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  18. कहीं ना रंग कर दे भंग दीदी की मुहब्बत का।
    कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का।

    भावमयी रचना शुभकामनाये

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  19. behad khubsurat kavita...bachpan ki raaakhi wale din kii yaaden taza ho gayee..

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  20. बहुत सुन्दर रचना....

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  21. चुलबुला गीत ... भाई बहन के स्नेह को दर्शाता ...
    रक्षा बंधन की बधाई ...

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  22. वाह बहुत सुन्दर रचना ...सार्थक

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  23. भाई बहन के स्नेह को प्यारे से गीत में खूब बांधा है आपने।..बधाई।

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  24. भाई बहन का रिश्ता ऐसा ही होता है ...खूब हँसाने वाला तो कभी छकाने वाला ॥
    सुंदर रचना

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  25. बहुत ही अच्छा लिखा है --कलाई में सजेगा रंग दीदी की मोहब्बत का |यह शुभ पर्व मुबारक हो |

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  26. बहुत ही मनभावन भावमयी रचना...

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  27. इस विषय पर मेरी पढ़ी अब तक की यह सर्वश्रेष्ठ रचना है।

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  28. बहुत मधुर और कोमल एहसास, सुन्दर गीत, बधाई.

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  29. भाई बहन की नैसर्गिक होड़ प्रतिस्पर्धा का सहज चित्रण प्रस्तुत किया है आपने इस रचना में .

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  30. भावपूर्ण अभिव्यक्ति

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  31. खुबसूरत भावपूर्ण अभिव्यक्ति.
    प्रस्तुति के लिए आभार

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  32. सुन्दर गीत, बधाई

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  33. बहुत अच्छी प्रस्तुति! मेरे नए पोस्ट "छाते का सफरनामा" पर आपका हार्दिक अभिनंदन है। धन्यवाद।

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  34. भाई बहन की पवित्र प्रेम की कोमल प्रागाद स्नेह रश्मियों को विस्तृत करती भाव पूर्ण कब्यांजलि ...शुभ कामनाएं :)))

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  35. प्रिय संजय जी आपकी इस रचना ने ह्रदय को छू लिया
    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामना

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  36. बहुत सुंदर रचना।

    रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

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  37. बहुत ही भावपूर्ण प्रस्तुति.
    स्वतंत्रता दिवस की बधाई

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मेरी हौसला-अफजाई करने का बहुत शुक्रिया.... आपकी बेशकीमती रायें मुझे मेरी कमजोरियों से वाकिफ करा, मुझे उनसे दूर ले जाने का जरिया बने, इन्हीं तमन्नाओं के साथ..... आपका हबीब.

"अपनी भाषा, हिंदी भाषा" (हिंदी में लिखें)

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